मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच के अनुसार पंजाब पुलिस राज्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सोच के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज राज्य में ज़मीनी स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए वर्चुअल मीटिंग को संबोधित किया।

पंजाब के सभी आठ रेंज आई.जी./डी.आई.जी., 28 सी.पीज/एस.एस.पीज, 117 डिप्टी सुपरीटेंडैंट ऑफ पुलिस (डी.एस.पीज) और 413 स्टेशन हाऊस अफसरों (एस.एच.ओज) को संबोधित करते हुए डीजीपी ने उनको नशों और गैंगस्टरों के विरुद्ध प्रभावशाली कार्यवाही को सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। उनके साथ इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आई.जी.पी.) हैडक्वाटर सुखचैन सिंह गिल भी थे।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आतंकवादियों और गैंगस्टरों के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति को अपनाया है, इसलिए उन्होंने जि़ला पुलिस प्रमुखों को समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध प्रभावशाली कानून का प्रयोग करने और आतंकवादी गतिविधियों में गैर-कानूनी गतिविधियों (रोकथाम) एक्ट (यूएपीए) का प्रयोग करने के लिए कहा।

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डीजीपी ने उनको हर पुलिस स्टेशन स्तर पर नशों के हॉटस्पॉट्स की पहचान करने और राज्य से इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए फार्मास्यूटीकल ड्रग्ज़ पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि नशों के मामले में ढील बरतने की सूरत में सम्बन्धित एस.एच.ओ. जि़म्मेदार होगा।

पुलिसिंग में पेशेवर सोच लाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए डीजीपी ने फील्ड अफसरों को छोटे-मोटे आइपीसी केस दर्ज करने, रोकथाम कार्यवाहियाँ करने, हिस्ट्री शीटें खोलने, तकनीकी जानकारी का प्रयोग करके मामलों को हल करने और ज़मानत पर गए अपराधियों पर नजऱ रखने के लिए कहा।

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उन्होंने फील्ड ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस कर्मचारियों को कहा कि वह आम जनता के अधिक से अधिक संपर्क में रहें और नागरिकों की कॉल सुनकर, सार्वजनिक बैठकें करके, यूथ क्लबों में शामिल करके उनके साथ मित्रता वाले सम्बन्ध बनाएं।

पंजाब पुलिस गाँव रक्षा समितियों को करेगी पुनर्जीवित
पंजाब पुलिस के डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस गौरव यादव ने सोमवार को यहाँ कहा कि पंजाब पुलिस राज्य भर में ख़ासकर सरहदी जिलों में ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) को पुनर्जीवित करेगी।

डीजीपी ने कहा कि वी.डी.सी. में गाँव के भरोसेमन्द और प्रसिद्ध व्यक्ति, जिनमें सेवामुक्त पुलिस या फ़ौज के कर्मचारी, प्रिंसिपल सरकारी अधिकारी/अधिकारी आदि शामिल होंगे। ‘‘यह समितियाँ पुलिस के साथ पूर्ण तालमेल के साथ काम करेंगी और सरहदी राज्य से नशों के ख़ात्मे के लिए पंजाब पुलिस की कोशिशों को और असरदार बनाएंगी।

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इस दौरान फील्ड अफसरों को बीट प्रणाली को पुनर्जीवित करने के लिए कहा गया और हरेक बीट क्षेत्र के लिए एक बीट अफ़सर समर्पित किये जाने पर भी ज़ोर दिया गया, जिससे विशेष क्षेत्रों के लिए पुलिस अधिकारी की जवाबदेही तय की जा सके।