किसानों को कॉफी मूल्य श्रृंखला में हितधारक बनाया जाए: पीयूष गोयल

केन्‍द्रीय वाणिज्‍य, उद्योग और रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज ०७ से १२ सितम्‍बर २०२० तक बेंगलुरू में आयोजित किए जाने वाले पांचवें विश्‍व कॉफी सम्‍मेलन (डब्‍ल्‍यूसीसी) और एक्‍सपो के लिए नई दिल्‍ली में आयोजित पूर्वावलोकन आयोजन को संबोधित किया। विश्‍व कॉफी सम्‍मेलन और एक्‍सपो का एशिया में पहली बार आयोजन किया जायेगा।

अपने संबोधन में श्री गोयल ने भारतीय कॉफी बोर्ड और अंतर्राष्‍ट्रीय कॉफी संगठन (आईसीओ) से यह अनुरोध किया कि वे नागरिकों से क्राउड सोर्सिंग सुझाव द्वारा इस सम्‍मेलन और एक्‍सपो में नवाचार का समावेश करें। उन्‍होंने आईसीओ और भारतीय कॉफी बोर्ड से आग्रह किया कि वे भारतीय कॉफी को ब्रान्‍ड बनाने के तरीकों का पता लगाएं ताकि भारतीय कॉफी के ब्रान्‍ड को दुनियाभर में पहचान मिले और भारत को कॉफी के लिए स्‍थायी गंतव्‍य स्‍थल बनाया जा सके।

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वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री ने यह भी कहा कि मूल्‍य श्रृंखला में कॉफी किसानों को हितधारक बनाने के तरीकों का भी पता लगाया जाये क्‍योंकि इससे दुनिया में कॉफी उत्‍पादन पर निर्भर २५ मिलियन परिवारों के ऊपर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा। उन्‍होंने यह सुझाव दिया कि दुनिया में कॉफी प्रेमियों द्वारा खरीदे जाने वाले कॉफी के प्रत्‍येक कप का दाम एक रुपया बढ़ाया जाए और यह राशि कॉफी उत्‍पादकों को दी जाए तो इससे कॉफी उत्‍पादकों और उनके परिवारों के जीवन पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा।

श्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत सरकार और कर्नाटक सरकार ०७ से १२ सितम्‍बर २०२० तक बेंगलुरू में आयोजित होने वाले पांचवें विश्‍व कॉफी सम्‍मेलन और एक्‍सपो की सफलता के लिए पूरा सहयोग करेंगी। यह भारत को मिला एक बड़ा अवसर है और भारतीय कॉफी बोर्ड इस एक्‍सपो और सम्‍मेलन में ७० से अधिक भाग लेने वाले देशों के प्रतिभागियों का भारत में स्‍वागत करेगा। इस सम्‍मेलन की तैयारी की एक वर्ष की अवधि के दौरान उन्‍होंने आईसीओ से ऐसे अध्‍ययन करने का आग्रह किया जो कैफीन के हानिकारक प्रभावों के संबंध में व्‍याप्‍त चिंताओं को कम कर सके।

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इस सम्‍मेलन और एक्‍सपो में आईसीओ के सभी ७० सदस्‍य देशों के प्रतिनिधियों और कॉफी उत्‍पादकों, निर्यातकों, सरकार के प्रतिनिधियों, निजी क्षेत्रों और अंतर्राष्‍ट्रीय एजेंसियों समेत एक हजार से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्‍मीद है। भारत डब्‍ल्‍यूसीसी २०२० की मेजबानी करेगा क्‍योंकि भारत विश्‍व में कॉफी का सबसे बड़ा उत्‍पादक और निर्यातक देश है। भारत कॉफी की बड़ी खपत वाले देश के रूप में उभर रहा है। भारत सरकार ने कॉफी बागान बढ़ाने पर भी जोर दिया है। वैश्विक समुदाय भी भारत और एशिया में कॉफी उत्‍पादकों से जुड़ने का इच्‍छुक है। डब्‍ल्‍यूसीसी २०२० वैश्विक कॉफी समुदाय को भारत और एशिया में अवसर तलाशने का अवसर प्रदान करेगा। बेंगलुरू भारत की कॉफी राजधानी है और कर्नाटक में भारत की लगभग ७० प्रतिशत कॉफी का उत्‍पादन होता है।

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डब्‍ल्‍यूसीसी २०२० का प्रस्‍तावित विषय खपत के माध्‍यम से स्‍थायित्‍व है। विश्‍व कॉफी उत्‍पादन बढ़ रहा है जिससे कॉफी के मूल्‍यों पर पड़ने वाले नकारात्‍मक प्रभाव को खपत बढ़ाकर ही दूर किया जा सकता है। इसलिए खपत स्‍थायित्‍व की पूंजी है। इस सम्‍मेलन में आर्थिक, कृषि, वाणिज्‍य, पर्यावरण, सामाजिक और सांस्‍कृतिक प्रभावों पर ध्‍यान केंद्रित किया जायेगा।