रक्षा मंत्री पुरस्कार के लिए ओएफबी और डीपीएसयू के अलावा निजी क्षेत्र की कंपनियां भी ले सकेंगी भाग : रक्षा मंत्री ने दी मंजूरी

रक्षा उत्‍पादन के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍टता के लिए दिये जाने वाले प्रतिष्ठित रक्षा मंत्री पुरस्‍कारों के लिए आर्डिनेंस फैक्ट्रियों तथा रक्षा उत्‍पादन इकाइयों जैसे सार्वजनिक उपक्रमों के साथ ही अब निजी क्षेत्र की कंपनियां भी भाग ले सकेंगी। रक्षामंत्री निर्मला सीतारामन ने इसकी मंजूरी दे दी है। ऐसे पुरस्‍कारों के लिए अभीतक निजी क्षेत्र की कंपनियों को भाग लेने का अधिकार नहीं था। रक्षा मंत्री के फैसले के साथ ही यह परिपाटी अब खत्‍म होने जा रही है।

पुरस्‍कारों के लिए तय किए गए नए प्रारूप के तहत अब संस्‍थागत और व्‍यक्तिगत/टीम श्रेणी में प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्‍वदेशी तकनीक, आयात विकल्‍प और निर्यात में उत्‍कृष्टता के लिए भी पुरस्‍कार देने की व्‍यवस्‍था की गई है। प्रतिस्‍पर्धा में सबको समान अवसर देने के लिए बड़े, मझोले और छोटी स्‍टार्टअप कंपनियों के लिए अलग से उपश्रेणी बनाई गई है। व्‍यक्तिगत और टीम स्‍तर पर पुरस्‍कारों के तहत दी जाने वाली नकद राशि में भी काफी बढ़ोतरी की गई है।

पुरस्‍कारों के लिए प्रविष्ठियां ऑनलाइन मंगाई जाएंगी। इन्‍हें अपलोड करने और व्‍यवस्थित करने के लिए एक वेबपोर्टल बनाया जाएगा। पुरस्‍कारों के लिए विजेताओं का चयन विशेषज्ञ समिति/जूरी द्वारा किया जाएगा। गुणवत्‍ता आश्‍वासन महानिदेशक के तहत एक विशेष प्रकोष्‍ठ बनाया जाएगा जो रक्षा मंत्री पुरस्‍कारों से जुड़े सभी कामकाज देखेगा।

रक्षा मंत्री पुरस्‍कारों के लिए निजी क्षेत्र को भी भाग लेने की अनुमति मिलने से रक्षा और अंतरिक्ष एयरोस्‍पेस क्षेत्र में छुपी हुई प्रतिभाओं को पहचानने का अवसर मिलेगा तथा ऐसी भारतीय कंपनियों को राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ग्राहकों के बीच बड़ी पहचान मिल सकेगी।
इससे वैश्विक स्तर पर ऐसी कंपनियों विशेष रूप से सूक्ष्‍म, मध्‍यम और लघु और उपक्रमों तथा स्टार्ट-अप फर्मों की बड़ी उपलब्धियों का प्रचार किया जा सकेगा जिससे भारतीय रक्षा उद्योग की निर्यात क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।