कांग्रेस को कड़े फैसले लेने होंगे : राहुल गांधी

कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अटकलों पर राहुल गांधी ने विराम लगा दिया। राहुल गांधी ने चार पेज का पत्र लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में काम करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान। राहुल गांधी ने अपने पत्र में यह भी कहा कि पार्टी को कई कड़े फैसले लेने होंगे।

पत्र में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष के नाते 2019 के चुनाव में मिली हार के लिए मैं जिम्मेदार हूं। हमारी पार्टी के भविष्य के लिए जवाबदेही बेहद जरूरी है। यही कारण है कि मैंने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए कठोर फैसले और 2019 की हार के लिए बहुत से लोगों को जिम्मेदार ठहराने की जरूरत है। ऐसे में यह बिल्कुल भी न्यायोचित नहीं है कि मैं दूसरों को जिम्मेदार ठहराता रहूं और पार्टी अध्यक्ष के तौर पर अपनी जवाबदेही को नजरअंदाज करता रहूं।

पार्टी में मेरे बहुत से सहयोगियों ने सुझाया कि मैं अगले पार्टी अध्यक्ष को नामित करूं। जबकि जरूरी यह है कि कोई नया व्यक्ति हमारी पार्टी का नेतृत्व करे। ऐसे में मेरे द्वारा उस व्यक्ति को चुना जाना सही नहीं होगा। मुझे पूरा भरोसा है कि पार्टी इस बारे में उचित निर्णय लेगी कि अगला अध्यक्ष कौन होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई कभी भी सत्ता के लिए साधारण लड़ाई नहीं रही। मेरे मन में बीजेपी के खिलाफ कोई नफरत नहीं है, लेकिन मेरे शरीर का कतरा-कतरा उनके विचारों का विरोध करता है। यह आज की लड़ाई नहीं है। यह बरसों से चली आ रही है। वे भिन्नता देखते हैं और मैं समानता देखता हूं। वे नफरत देखते हैं, मैं प्रेम देखता हूं। वे डर देखते हैं, मैं आलिंगन देखता हूं। राहुल गांधी ने कहा कि मैं किसी भी रूप में इस युद्ध से पीछे नहीं हट रहा हूं। मैं कांग्रेस पार्टी का सच्चा सिपाही, भारत का समर्पित बेटा हूं। और अपनी अंतिम सांस तक इसकी सेवा और रक्षा करता रहूंगा।